वर्ल्ड कप डेब्यू मैच में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले 3 गेंदबाज

वर्ल्ड कप डेब्यू में अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेना एक बड़ी और यादगार उपलब्धि मानी जाती है। बड़े देशों के टूर्नामेंट में सभी धाकड़ खिलाड़ी उस समय खेलते हैं। वर्ल्ड कप को क्रिकेट का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है।

नए खिलाड़ियों को खेलने को लेकर ख़ुशी होने के साथ थोड़ी नर्वसनेस भी रहती है। इसके अलावा वर्ल्ड कप में दिग्गज खिलाड़ियों पर बढ़िया प्रदर्शन करने का दबाव भी बराबर रहता है।

आयोजक देश पर घरेलू दर्शकों के सामने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने की इच्छा होती है। इस तरह हर एक का अपना अलग सपना और प्लान होता है। इन सबके बीच नए खिलाड़ियों को कब मौका मिलेगा इस पर भी कयास लगते रहते हैं।

दिग्गज खिलाड़ियों के फ्लॉप होने या चोटिल होने पर ही वर्ल्ड कप में नए खिलाड़ी को मौका मिलता है। गेंदबाजों पर ज्यादा दबाव रहता है क्योंकि बल्लेबाज की तुलना में गेंदबाजों की संख्या कम होती है। ऐसे में जब कोई खिलाड़ी वर्ल्ड कप में डेब्यू करता है

पहली ही गेंद पर विकेट चटकाने में सफल रहता है तो इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। यह प्रदर्शन हमेशा उस खिलाड़ी के जेहन में ताजा रहता है। ऐसे ही 3 गेंदबाजों की चर्चा इस आर्टिकल में की गई है जिन्होंने वर्ल्ड कप डेब्यू में पहली गेंद पर विकेट चटकाया था।

वर्ल्ड कप डेब्यू मैच की पहली गेंद पर विकेट वाले गेंदबाज

 

1. इयान हार्वे

पाकिस्तान के खिलाफ 2003 वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में इयान हार्वे ने ऑस्ट्रेलिया के लिए यह काम किया था। इयान हार्वे ने अपनी पहली ही वर्ल्ड कप गेंद पर पाकिस्तान के सलीम इलाही को ब्रेट ली के हाथों कैच कराकर पवेलियन की राह दिखाई थी। ऑस्ट्रेलिया ने उस मैच में पाकिस्तान को 82 रनों से हराया था और हार्वे ने पारी में4 विकेट हासिल किये थे।

 

2. मलाची जोन्स

बरमूडा के इस खिलाड़ी को ज्यादा लोग नहीं जानते होंगे। भारत के खिलाफ 2007 के वर्ल्ड कप में उन्होंने रॉबिन उथप्पा को पहली ही गेंद पर पवेलियन की राह दिखाई थी। हालांकि भारत ने मैच में 400 से ज्यादा रन बनाए थे लेकिन जोन्स के लिए यह मुकाबला यादगार बन गया था। भारत ने मैच 257 रन के बड़े अंतर से जीता था।

 

3. विजय शंकर

भारत के लिए खेलते हुए 2019 वर्ल्ड कप में विजय शंकर ने पाकिस्तान के खिलाफ यह कारनामा किया था। भुवनेश्वर कुमार हेमस्ट्रिंग की चोट के बाद मैदान से बाहर चले गए और विजय शंकर ओवर पूरा करने आए थे। उन्होंने पहली ही गेंद पर पाकिस्तानी ओपनर इमाम उल हक को पगबाधा आउट कर दिया था। डकवर्थ-लुईस नियम से भारत ने पाकिस्तान को 89 रन से मुकाबले में हराया था।